वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है : मोदी

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भोपाल। मंगलवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जातिवाद का जहर, नोटो का बंडल और गलत रास्ते को पार्टी कार्यकर्ता अपने बूथ पर हावी नहीं होने दें और मेरा बूथ सबसे मजबूत बूथ के नारे पर चल कर पार्टी का झण्डा ऊंचा रखें।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा समन्वय और सामाजिक न्याय में विश्वास रखती है। सामाजिक, आर्थिक व अवसर के कारण कोई पिछड़ा न हो, इसलिये केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारें सभी वर्गों के कल्याण के लिये योजनायें क्रियान्वित कर रही हैं। नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का तीन बार नाम लेकर कार्यकर्ताओं से अमर रहें, अमर रहें के नारे लगवाये। उन्होंने यह भी कहा कि दीनदयाल जी ने एकात्म मानववाद का विचार रख भाजपा की नींव डाली थी। उन्होंने देश में तीन ऐसे महापुरुष महात्मा गांधी, दीनदयाल जी और राम मनोहर लोहिया बताये जिन्होंने राष्ट्र के विकास, हर नागरिक के कल्याण और अंतिमि पंक्ति पर बैठे व्यक्ति को प्राथमिकता दी और इसके लिये देश का मार्गदर्शन किया।
 वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है। आजादी के सत्तर सालों में जो बर्बादी आई वह वोट बैंक की राजनीति के कारण ही आई तथा भाजपा की जिम्मेदारी है कि वह देश को वोट बैंक की राजनति से मुक्त कराये। कुछ नेता व राजनैतिक दल चुनाव जीतने के लिये समाज के समूह को पकड़ लेते हैं और वे भलाई के लिये काम नहीं करते हैं बल्कि अपनी कुर्सी बचाने के लिये तत्पर रहते हैं।
125 साल पुरानी कांग्रेस को बताया देश पर बोझ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसा क्या हुआ कि सवा सौ साल पुरानी कांग्रेस को आज छोटे-छोटे दलों के पास जाकर गठबंधन के लिये चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जो पार्टी संसद में 400 थी वह आज 44 पर सिमट गई। अब तो कांग्रेस देश के बाहर गठबंधन तलाश रही है और पीएम तय कर रही है। केंद्र की सत्ता खोने के बाद कांग्रेस ने अपना संतुलन भी खो दिया है। आज कांग्रेस देश पर बोझ बन गई है। कांग्रेस के पास अब भाजपा कार्यकर्ता जैसे समर्पित लोग नहीं हैं। भाजपा धन बल पर नहीं जन बल पर चुनाव लड़ती है। कांग्रेस की जब केंद्र में यूपीए सरकार थी तब वह भाजपा शासित राज्यों से दुश्मनी निकालती थी। मप्र में भी उसने दस साल तक दुश्मनी निकाली। वे जब गुजरात के सीएम थे तब उन्हें डिक्शनरी में दर्ज सभी गालियां दी गईं। कांग्रेस अब हारी के बाद भी सुधरने के लिये तैयार नहीं है। वह अभी भी अंहकार में है तथा चाय बेचने वाले पीएम और गरीब परिवार के सीएम शिवराज और योगी से परेशान है। अब जब कांग्रेस के नसीब में ही बर्बादी है तो हम क्यों उस पर रोयें।

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